"जब तस्वीरें बोलती हैं और यादें चुप रहती हैं..." - HIndi Kavita
📝 मेरी कविता:
"जो तस्वीर में नज़र आते हैं, वो घर में नज़र नहीं आते,
और जो यादों में रह जाते हैं, वो हक़ीक़त में नहीं आते।"
"जो तस्वीर में नज़र आते हैं, वो घर में नज़र नहीं आते,
और जो यादों में रह जाते हैं, वो हक़ीक़त में नहीं आते।"
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